Description
‘‘तनहाई’’ गज़ल पुस्तक को एक अनूठे अंदाज मे प्रस्तुत करने की कोशिश की है जिसमे तनहाई और मौहब्बत का समागम बड़े अलग अंदाज मे किया है। मौहब्बत की कोई उम्र तथा सीमा नहीं होती बस यह तो अपने आप हो जाती है। यह भी एक परमसत्य है। जब इंसान मौहब्बत करने लगता है तो यही गज़लें उसके दिल और दीमाग की भावनओं को उजागर करती है। यही मानव की कलाकारी है कि उसने समस्त मानवजाति को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का अनूठा औज़ार उसके हाथ मे दे दिया, जो बिना बताये ही सभी प्रकार की भावनाओं को व्यक्त कर देता है। यह ही वर्तमान में गज़ल की अजय यात्रा है।









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