Description
‘‘दिल’’ मेरी तीसरी रोमांटिक गज़लों का संग्रह है, जिसमें दिल और मौहब्बत का आपस मे संबद्ध बड़े ही अनूठे अंदाज़ मे दर्षाया है। ‘दिल’ प्रेम भरे जीवन का मूल आधार है। दिल के द्वारा प्यार का एहसास किया जा सकता है, जिसे शब्दों मे ढालना बहुत कठिन है। मेरा इस शीर्शक से कोई इत्फ़ाक नहीं है। मेरी व्यक्तिगत मान्यता है कि हम दर्द की बात कर सकते हैं, उसे देख सकते हैं, पर उसे गहराई तक छू नही सकते। सिर्फ दिल ही है, जो मौहब्बत का एहसास, जुदाई का गम, बेवफाई का दर्द को गहराई से महसूस करता है।










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